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नए साल पर लगा जोर से लगा महंगी बिजली का झटका

प्रति यूनिट पर बढ़ाई गई फ्यूल कॉस्ट एडजेस्टमेंट की दर

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भोपाल. नए साल के जश्न में डूबे प्रदेश के लोगों को मंहगी बिजली (expensive electricity bill) का झटका जोर से लग गया है। प्रदेश में नए साल (new year 2022) की शुरुआत मंहगी बिजली के साथ हुई है। अब उपभोक्ताओं से बिजली बिलों के साथ वसूले जाने वाले फ्यूल कॉस्ट एडजेस्टमेंट (FCA) की दर को 14 पैसे प्रति यूनिट बढ़ा दिया गया है।

अब प्रदेश में उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक बिजली जलाने पर 47 रुपए अतरिक्त चुकाने होंगे। प्रदेश की बिजली कंपनियां कोयला और तेल की कीमत के आधार पर हर तीन महीने में एफसीए की दर निर्धारण करती हैं। इससे पहले पिछली तिमाही में फ्यूल कॉस्ट एडजेस्टमेंट -7 पैसे प्रति यूनिट था। माइनस में फ्यूल कॉस्ट एडजेस्टमेंट होने से बिजली उपभोक्ताओं को बिजली बिलों में छूट मिल रही थी।

नई फ्यूल कॉस्ट एडजेस्टमेंट दर लागू होने से उपभोक्ताओं को 14 पैसे प्रति यूनिट का भार पड़ेगा। फ्यूल कॉस्ट एडजेस्टमेंट की नई दर 31 मार्च 2022 तक प्रभावी रहेगी, अप्रेल 2022 के बाद फिर एफसीए की नई दर निर्धारण किया जाएगा।

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वही बिजली उपभोक्ताओं को दूसरा बड़ा झटका राज्य विद्युत नियामक आयोग ने प्रदेश में बिजली के दाम बढ़ाने की मांग वाली बिजली कंपनियों की टैरिफ याचिका भी सुनवाई के लिए मंजूर करने से लगा है। नियामक आयोग ने एक सार्वजनिक सूचना जारी कर बिजली के दाम बढ़ाने पर आपत्तियां आमंत्रित की हैं, इसकी अंतिम तिथि 21 जनवरी तय की गई है।

मप्र बिजली वितरण कंपनी समाधान योजना में पंजीयन कराने के बाद भी बकाया बिल नहीं देने वाले उपभोक्ताओं को नए साल में जोरदार झटका देने की तैयारी में है। कंपनी उपभोक्ताओं को एसएमएस के जरिए सूचना भेज चुकी है। अब जनवरी में बढ़ा हुआ बिल जनरेट हो चुका, जिसे भेजा जा रहा है। इसके साथ जनवरी में ही बकाया जमा नहीं करने वालों को भी अंधेरे में रखने जा रही है।